क्यों हैं ट्रेंड में

वॉशिंगटन सुंदर हाल ही में कई कारणों से सुर्खियों में हैं।
- मैच विनिंग ऑलराउंड प्रदर्शन: ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हालिया टी20 सीरीज़ में सुंदर ने शानदार गेंदबाज़ी करते हुए मात्र 1.2 ओवर में 3 रन देकर 3 विकेट झटके, जिससे भारत ने 119 पर ऑस्ट्रेलिया को आउट कर 2-1 की बढ़त ली।
▫️ यह प्रदर्शन ऐतिहासिक रहा — सुंदर पहले भारतीय बने जिन्होंने टी20 में तीन या उससे कम रन देकर तीन विकेट लिए। - इंग्लैंड में टेस्ट शतक: भारत-इंग्लैंड टेस्ट सीरीज़ में उन्होंने ओल्ड ट्रैफर्ड में नाबाद 101 रन बनाकर भारत को ड्रॉ दिलाया। उनकी बल्लेबाज़ी और गेंदबाज़ी ने उन्हें “सच्चा ऑलराउंडर” साबित किया।
- चयन विवाद: पिता ने चयन में अस्थिरता पर सवाल उठाए, जबकि सुंदर के प्रदर्शन लगातार मजबूत रहे।
- हर फॉर्मेट में योगदान: टेस्ट, टी20 और एकदिवसीय—तीनों में प्रभावी प्रदर्शन ने उन्हें बहुआयामी खिलाड़ी के रूप में स्थापित किया।
इन सभी कारणों से सुंदर केवल एक मैच नहीं, बल्कि निरंतर प्रदर्शन के चलते ट्रेंड कर रहे हैं।
हालिया प्रदर्शन
- टी20 बनाम ऑस्ट्रेलिया (नवंबर 2025): 3 विकेट, 3 रन, 1.2 ओवर — भारत ने 48 रन से जीत दर्ज की।
- टी20 बनाम ऑस्ट्रेलिया: 23 गेंदों पर 49* रन बनाकर सफल पीछा पूरा किया।
- टेस्ट बनाम इंग्लैंड (मैनचेस्टर, जुलाई 2025): नाबाद 101 रन की पारी खेलकर मैच बचाया।
- पूरे इंग्लैंड दौरे में: शानदार गेंदबाज़ी और बल्लेबाज़ी से भारत के प्रमुख स्पिन-ऑलराउंडर बने।
खासियतें
- दोहरी क्षमता: ऑफ-स्पिन के साथ-साथ अब बल्ले से भी बड़ा योगदान।
- कम मौके, बड़ा प्रभाव: आईपीएल और टीम इंडिया में चयन अस्थिर रहा, फिर भी जब भी मौका मिला, दमदार प्रदर्शन किया।
- रणनीतिक फिट: विदेशी पिचों पर जहां बल्लेबाज़ी गहराई और स्पिन अहम होती है, वहाँ उनका रोल बेहद कीमती है।
- आत्मविश्वास: हालिया शतक और रिकॉर्ड स्पेल ने उनके आत्मविश्वास को नई ऊंचाई दी है।
वर्तमान स्थिति व आगे का रास्ता
- टेस्ट टीम में जगह लगभग पक्की, खासकर विदेशी दौरों में।
- टी20 और वनडे में एक भरोसेमंद ऑलराउंडर के रूप में उभर रहे हैं।
- आने वाले मैचों में उनसे लगातार प्रदर्शन और जिम्मेदारी की उम्मीद है।
मुख्य बातें
- वॉशिंगटन सुंदर लगातार शानदार प्रदर्शन के कारण चर्चा में हैं।
- उनकी बल्लेबाज़ी व गेंदबाज़ी ने भारत को अधिक लचीलापन दिया है।
- करियर में उतार-चढ़ाव के बावजूद वे अब स्थिरता की राह पर हैं।
- निरंतरता बनाए रखी तो वे टीम इंडिया के स्थायी स्तंभ बन सकते हैं।